हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, कृष्ण जन्मोत्सव 2022


krishna janmostav 19 August 2022

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हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, राधे राधे गोविन्द राधे हरे हरे कृष्ण कृष्ण हरे हरे राधे राधे राधे गोविन्द हरे हरे

हम सब जानते है की कृष्ण का जन्म कृष्ण पक्ष अष्टमी के दीन हुआ था। जिस समय जन्म होता है उस वक्त सभी पहरेदार से लेकर हर कोई गहरी निद्रा मैं होता है।

यह उतना ही सत्य हैं की जब भी भगवान पृथ्वी पर आते है उस वक्त हमेशा ही हर कोई गहरी नींद मैं ही मिलेगा।
यदि आज के समय में हम बात करते है सुबह के 2 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक की तो हर कोई गहरी नींद मैं ही होता है।

पुराने समय की बात की जाए तो हर कोई सुबह सूरज निकल ने से पहले उठ जाया करता था। जल्दी उठने वाला हर वह सदस्य किसी भी बीमारी से दूर रहता है।
हम दिन में कितना भी चल कर लंबा सफर कर ले फिर भी उतनी ऊर्जा शरीर में नही बनती जितनी सुबह के सिर्फ एक घंटे चलने से बनती है।

काफी लोग सुबह जल्दी न उठने की वजह से शाम को चलने जाते है। जिससे उन्हें लगता है की वह अपना वजन कम करना और शरीर को स्फूर्तिला बनाना चाहते है जब की आज के दौर में सुबह से लेकर आधी रात तक गाड़ियों से निकलता धुआं, पूरे दिन की धूल मिट्टी, कार्बन डाइऑक्साइड आदि से वातावरण प्रदूषित हो जाता है।

सुबह 5 बजे उठने से ऑक्सीजन की मात्रा काफी होंती है। जिससे शरीर को सिर्फ एक घंटे की एक्सरसाइज में ही बदन स्फूर्तिला बन जाता है। उस समय हमारे पृथ्वी पर स्वयं भगवान रहते है। जिनका आशीर्वाद हमे शुद्ध हवा (ऑक्सीजन) के जरिए मिलता है।

सनातन धर्म के अनुसार कण कण में भगवान बसे है, सिर्फ हमे वह समय पता होना चाहिए की किस वक्त उनका आशीर्वाद प्राप्त होगा।

इस साल कृष्ण जन्म 2022 मैं आ रहा है। जिसका सीधा संबध जब कृष्ण जन्मे थे वैसा ही सयोंग पुनः प्राप्त होगा।
कहा जाता है द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था। उस समय रोहिणी नक्षत्र था। चंद्र उदय भी देर रात्रि में हुआ था। ऐसा ही संयोग इस बार जन्माष्टमी पर पड़ रहा है।

इस साल भी 19 अगस्त को अष्टमी तिथि पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग है। साथ ही देर रात 11.24 बजे चंद्र उदय का समय है। इसी संयोग में जन्माष्टमी मनाना श्रेष्ठ है। अष्टमी तिथि 18 अगस्त गुरुवार रात 12:14 से आरंभ होकर 19 अगस्त शुक्रवार रात एक 1/06 तक रहेगी।अतः 19 अगस्त शुक्रवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत तथा गोकुलाष्टमी सभी जगहों पर मनाई जाएगी।

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