राष्ट्र के एकीकरण के लिए सर्व मान्य भाषा से अधिक बलशाली तत्व और कोई नही मेरे विचार में हिंदी ही वह समर्थ भाषा है – बाल गंगाधर तिलक


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क्या आज हमे अपनी भाषा बोलने की आजादी है?

काफी लोग हंसते है एक इंसान पर जो इंग्लिश नही जानता।

क्या इंग्लिश सीखना इतना जरूरी है, आज हमारे देश में काफी कुछ बदल रहा है पर हम अपनी संस्कृति तक बदल चुके। हमे अपने देश पर गर्व है पर देश की एक और सच्चाई यह भी है की काफी लड़के लड़कियां बोहत ही कुशल होते है पर वह सिर्फ एक भाषा के कारण पिछड़ जाते है, हर जगह सिर्फ इंग्लिश ही सर्व श्रेष्ठ है।

जब की सबसे ज्यादा प्रगतिशील देशों की बात की जाए तो आज तक उन्होंने कभी भी अपने देश में दूसरी भाषा को प्रवेश नही करने दिया । इसी वजह से वह कही गुना हम से आगे है। चीन जापान रसिया जर्मनी ऐसे अनगिनत उद्धार है।

हमारे ही देश में एक जापान की कम्पनी है जिसमे जब एक जैपनीज से मिला तो उससे बात करने के लिए हमारे ही देश की एक लड़की ट्यूटर की तरफ हमारी दोनो की भाषा को ट्रांसलेट कर रही थी जब की ना उसने कभी इंग्लिश में बात की जब की वह कंपनी दुनिया की सबसे बढ़ती उभरती कंपनियों में से एक है।

और हम इंग्लिश में इंटरव्यू लेते है क्यूं की एक जानकर अच्छा लड़का या लड़की जॉब पर रख सके, इस वजह से काफी अच्छे होन हार लोग पीछे रह जाते और उनका भविष्य खराब होता है सिर्फ एक भाषा के चलते।

देश की आर्थिक बाधोती भाषा नही एक बुद्धि शाली नौजवान होता है जो समाज के कार्य को काफी अच्छे तरीके से आगे ला सकता है।

हम अपना इतिहास पढ़ते है तो भारत एक सोने की चिड़िया का देश है ऐसा पढ़ा था कभी पर वास्तविकता यही है की भारत सोने की चिड़िया था तब क्यूंकि भाषा नही थी इस बीच में।

हम मानते है की हमारे देश में अलग अलग राज्य की भाषा है पर राष्ट्रीय भाषा तो एक है जब हम भारतीय मिलते है तो एक ही भाषा बोलनी चाहिए ना की किसी अन्य देश की भाषा।


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